क्यों सीधे साधे लोग गुंडे या डाकू बन जाते है
बात सिर्फ इतनी है की। ........
हमें हमारी रुस्वाइवो ने छोङा था ,अपनों ने ही तोडा था !
जब था सहारा उनका , उन्होंने भी उनके साथ मिल के हमें ही तोडा था !!
आज जब मेरा परिवार बहुत ख़ुशी से बीत रहा है तो लोगो को किसी की ख़ुशी बर्दाश नहीं होती , और न ही उनका सुख चैन , वो हमेशा हमें परेशान करने की कोशिस करते रहते है पूरा समाज हमें किसी न किसी तरह से निचा दिखने की कोशिश करता रहता है बात सिर्फ ये होती है की हम उनकी तरह नहीं है न ही उस समाज की तरह जो हमेशा लोगो को सताने में ,उन्हें जलील करने में , उन्हें प्रताड़ित करने में आनंद आता है सरब में सराबोर रहने में ,सुट्टा मारने में ,एक स्थान पर बैठ कर गुलछर्रे उड़ाने में, खुद अपशब्द प्रयोग करने में ,छोटे बच्चो को गलत लत लगाना ,अपशब्द सिखाना खुद दिन भर बैठ के शराब पीना ,जुआ खेलना और ें सभी लतो के आदि होना तथा छोटे बच्चो को भी ें सभी बुरी लतो में लगाना ,बचपन से इनका आदि बनाना ,औरत और लड़कियों गलत ब्योहार करना आदि कुकर्म सिखाना यहीं सारे कु-कृत्य हुए बुराइया आज के इस समाज में भरी है लेकिन एक बात सत्य है की कमल कीचड में ही खिलता है ें सब बुराइयों को सहते हुए कोईं समाज के उत्थान के बारे में सोचता है
पर क्या वो ऐसे गंदे समाज में खुद को सुरक्क्षित रख पता है या फिर ऐसे गंदे समाज का दुष परिडाम उसे या उसके पुरे परिवार के झेलना पड़ता है या फिर उसके घर में रहने वाली महिलाये या फिर लड़कियों को इसका आतंक सहना पड़ता है जो मजबूर कर देता है उन्हें ऐसा करने के लिए या फिर जब उनके सताए जाने पर उनके दिल में बदले की भावनाये जन्म ले लेती है
यह परिस्थित कितनी भी बदतर हो लेकिन समझ उस सभ्य परिवार की जब हर तरह से समस्याओ से घिर जाता है उसके पास कोइ उपाय नहीं होता है और हर बार की तरह व्हहे कोई भी पुलिस प्रशासन हो या कोई भी न्यायपालिका हो वो हमेशा भीड़ के ही साबुत या फिर गवाह को मानती है न केवल एक बार हर भर उन्हें न तो न्याय मिलता है और न ही इंसाफ, कभी- कभी तो कहि पर जहा ठेकेदारी या जमींदारी प्रथा है अभी भी वहा लोग ज्यादा तर ऐसे दुस्प्रवित्ती के लोगो के गंदे मानसिक सोच से प्रभावित हो जाते है और ऐसे लोग ही आज भी इन्हे प्रताड़ित बहुत प्रताड़ित करते है और तो और आज भी चीजे एक स्थान पर अदला बदली की जाती है।
आज बहुत से नियम कानून और रजिस्टर में तरीके है उन्हें रोकने \के लेकिन आज भी वो वही के वही पड़े हुए है जिनका न तो कोई पालन होता है और न ही कोई कोई भी उनपे उतना अमल करता है हमारा देश आज भी कितना आगे जरूर निकल गया है लेकिन अत्याचार ,दुराचार।,शोषण ,हत्या ,आदि ये सभी भी इसके जिम्मेदर है अगर इन्हे सही तरीके से पालन किया जाये तो आज भी काफी हद तक इस क्षेत्र में काफी काम किया जा सकता है और आज भी एक सीधे साधे लोग जो अपने ऊपर होने वाले अत्याचार से त्रस्त होके ऐसे कदम न उठाये , आज भी नियम कानून जो की आम लोगो पर हिंया पर जय अधिकता हो वह लगते है अगर अकेला कोई भी आदमी सही है तो उसका कोई साथ नहीं देता और वो भी सब सभी तरीके से हार जाते है तो अंतिम में उनके पास कोई उपाय नहीं बचता क्योकि हर दुस्टता या अपराध का एक अंतिम टाइम होता है और जब कोई सहायता नहीं करता है तो वो ाबनि हेल्प खुद ही करते है जिसे लोग बागी बोलते है और उस बगावत की आग में फिर आस पास के जितने भी लोग होते है सभी जलते है और सब का अच्छे से इलाज किया जाता है.
आज जहा कोई भी पुलिस या प्रशासन खुद ही प्रताड़ित करता था आज उनके हि पीछे से पड़ जातेहै फर्क सिर्फ इतना होता है कल किसी और के कहने पर उनके गुलाम थे और आज सर्कार के दिए हुए दिशा निर्देश पर या इनाम या फिर पदौन्नति के लिए फिर से आज उसी आम से बने खास इंसान के पीछे पढ जाते है।
आज के समय में हर चीज पैसे पर टिकी है आप कितने भी कमजोर हो या गरीब हो किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता ,उसे फर्क पड़ता है तो आपके पैसे से और आपके शौहरत से ,और आज शायद यही वकाजः है की जब कोई भी इंसान लाइफ में कुछ कर लेता है तो समझ के फ़िक्र नहीं करता क्योकि समाज ने उसे मजबूर कर दिया है जो अत्याचार और जुल्म उस इंसान के ऊपर किये है वो क्यों और कैसे किसी की हेल्प करे।
आप चाहे तो अपनी रियल लाइफ में इसका अनुभव कर सकते है आप समाज से थोङा हैट कर और कुछ अलग करने का प्रयास करे आपको इसका अनुभव हो जायेगा। और आप लाइफ की इस वास्तविकता को थोङा बहुत खुद से ही अनुभव कर पाएंगे। .
लिखने का तो बहुत है मन में की आज समज ने जो भी अत्याचार किये है सब निकल दू लेकिन इस छोटे से लेख से आपको कुछ बताने का प्रयास किया हु। .......
WRITTEN BY = AK OFFICIAL
IF YOU WANT TO HELP THEN YOU CAN DONATE
PAYTM OR PHONEPAY OR GOOGLEPAY NUMBER= 9695500382
AC.NO.= 36609315710
IFSC CODE= SBIN0007191
NAME= AJEET KUMAR
BRANCH= GOHARI , PHAPHAMAU, PRAYAGRAJ ,UTTAR PRADESH
आज बहुत से नियम कानून और रजिस्टर में तरीके है उन्हें रोकने \के लेकिन आज भी वो वही के वही पड़े हुए है जिनका न तो कोई पालन होता है और न ही कोई कोई भी उनपे उतना अमल करता है हमारा देश आज भी कितना आगे जरूर निकल गया है लेकिन अत्याचार ,दुराचार।,शोषण ,हत्या ,आदि ये सभी भी इसके जिम्मेदर है अगर इन्हे सही तरीके से पालन किया जाये तो आज भी काफी हद तक इस क्षेत्र में काफी काम किया जा सकता है और आज भी एक सीधे साधे लोग जो अपने ऊपर होने वाले अत्याचार से त्रस्त होके ऐसे कदम न उठाये , आज भी नियम कानून जो की आम लोगो पर हिंया पर जय अधिकता हो वह लगते है अगर अकेला कोई भी आदमी सही है तो उसका कोई साथ नहीं देता और वो भी सब सभी तरीके से हार जाते है तो अंतिम में उनके पास कोई उपाय नहीं बचता क्योकि हर दुस्टता या अपराध का एक अंतिम टाइम होता है और जब कोई सहायता नहीं करता है तो वो ाबनि हेल्प खुद ही करते है जिसे लोग बागी बोलते है और उस बगावत की आग में फिर आस पास के जितने भी लोग होते है सभी जलते है और सब का अच्छे से इलाज किया जाता है.
आज जहा कोई भी पुलिस या प्रशासन खुद ही प्रताड़ित करता था आज उनके हि पीछे से पड़ जातेहै फर्क सिर्फ इतना होता है कल किसी और के कहने पर उनके गुलाम थे और आज सर्कार के दिए हुए दिशा निर्देश पर या इनाम या फिर पदौन्नति के लिए फिर से आज उसी आम से बने खास इंसान के पीछे पढ जाते है।
आज के समय में हर चीज पैसे पर टिकी है आप कितने भी कमजोर हो या गरीब हो किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता ,उसे फर्क पड़ता है तो आपके पैसे से और आपके शौहरत से ,और आज शायद यही वकाजः है की जब कोई भी इंसान लाइफ में कुछ कर लेता है तो समझ के फ़िक्र नहीं करता क्योकि समाज ने उसे मजबूर कर दिया है जो अत्याचार और जुल्म उस इंसान के ऊपर किये है वो क्यों और कैसे किसी की हेल्प करे।
आप चाहे तो अपनी रियल लाइफ में इसका अनुभव कर सकते है आप समाज से थोङा हैट कर और कुछ अलग करने का प्रयास करे आपको इसका अनुभव हो जायेगा। और आप लाइफ की इस वास्तविकता को थोङा बहुत खुद से ही अनुभव कर पाएंगे। .
लिखने का तो बहुत है मन में की आज समज ने जो भी अत्याचार किये है सब निकल दू लेकिन इस छोटे से लेख से आपको कुछ बताने का प्रयास किया हु। .......
WRITTEN BY = AK OFFICIAL
IF YOU WANT TO HELP THEN YOU CAN DONATE
PAYTM OR PHONEPAY OR GOOGLEPAY NUMBER= 9695500382
AC.NO.= 36609315710
IFSC CODE= SBIN0007191
NAME= AJEET KUMAR
BRANCH= GOHARI , PHAPHAMAU, PRAYAGRAJ ,UTTAR PRADESH

No comments:
Post a Comment